1. पृथ्वी की सतह का लगभग कितना भाग जल से ढका हुआ है?
(A) 51%
(B) 61%
(C) 71%
(D) 81%
उत्तर — (C) 71%
2. पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल का कितना प्रतिशत मीठा जल है?
(A) 2.5%
(B) 10%
(C) 20%
(D) 30%
उत्तर — (A) 2.5%
3. भारत में जल का मुख्य स्रोत क्या है?
(A) नदियाँ
(B) वर्षा
(C) झीलें
(D) भूजल
उत्तर — (B) वर्षा
4. भारत में अधिकांश वर्षा किससे प्राप्त होती है?
(A) शीतकालीन वर्षा
(B) मानसून
(C) चक्रवात
(D) हिमपात
उत्तर — (B) मानसून
5. जल संसाधन का सबसे बड़ा उपयोग किस क्षेत्र में होता है?
(A) उद्योग
(B) घरेलू कार्य
(C) कृषि
(D) परिवहन
उत्तर — (C) कृषि
6. भारत में सिंचाई का सबसे प्रमुख स्रोत क्या है?
(A) नहर
(B) तालाब
(C) कुआँ एवं नलकूप
(D) झील
उत्तर — (C) कुआँ एवं नलकूप
7. भूजल स्तर में गिरावट का प्रमुख कारण क्या है?
(A) अधिक वर्षा
(B) अत्यधिक दोहन
(C) वनीकरण
(D) बाढ़
उत्तर — (B) अत्यधिक दोहन
8. बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) सिंचाई
(B) जलविद्युत उत्पादन
(C) बाढ़ नियंत्रण
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर — (D)
9. भाखड़ा-नांगल परियोजना किस नदी पर स्थित है?
(A) गंगा
(B) यमुना
(C) सतलुज
(D) नर्मदा
उत्तर — (C) सतलुज
10. भारत की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय परियोजनाओं में से एक कौन-सी है?
(A) दामोदर घाटी परियोजना
(B) भाखड़ा-नांगल परियोजना
(C) हीराकुंड परियोजना
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर — (D)
11. जल संरक्षण का सबसे प्रभावी उपाय क्या है?
(A) वर्षा जल संचयन
(B) जल प्रदूषण
(C) भूजल दोहन
(D) वनों की कटाई
उत्तर — (A)
12. वर्षा जल संचयन का उद्देश्य क्या है?
(A) वर्षा जल का संग्रह
(B) जल प्रदूषण बढ़ाना
(C) बाढ़ बढ़ाना
(D) सिंचाई रोकना
उत्तर — (A)
13. जल संकट का मुख्य कारण क्या है?
(A) जनसंख्या वृद्धि
(B) जल का दुरुपयोग
(C) प्रदूषण
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर — (D)
14. दामोदर घाटी परियोजना किस नदी पर है?
(A) दामोदर
(B) गंगा
(C) गोदावरी
(D) कृष्णा
उत्तर — (A) दामोदर
15. हीराकुंड बाँध किस नदी पर स्थित है?
(A) महानदी
(B) गंगा
(C) नर्मदा
(D) ताप्ती
उत्तर — (A) महानदी
16. जल प्रदूषण का प्रमुख कारण क्या है?
(A) औद्योगिक अपशिष्ट
(B) घरेलू अपशिष्ट
(C) कृषि रसायन
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर — (D)
17. जल संसाधन संरक्षण क्यों आवश्यक है?
(A) सीमित उपलब्धता
(B) बढ़ती माँग
(C) भविष्य की आवश्यकता
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर — (D)
18. निम्न में से कौन मीठे जल का स्रोत है?
(A) महासागर
(B) नदी
(C) समुद्र
(D) खाड़ी
उत्तर — (B) नदी
19. भारत में सबसे अधिक सिंचित क्षेत्र किस फसल का है?
(A) गेहूँ
(B) चावल
(C) गन्ना
(D) कपास
उत्तर — (B) चावल
20. जल संसाधनों का संरक्षण किसके लिए आवश्यक है?
(A) कृषि
(B) उद्योग
(C) घरेलू उपयोग
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर — (D)
21. भूजल पुनर्भरण का प्रमुख साधन क्या है?
(A) वर्षा जल
(B) समुद्री जल
(C) औद्योगिक जल
(D) खारा जल
उत्तर — (A)
22. निम्न में से कौन जल संरक्षण की पारंपरिक पद्धति है?
(A) तालाब
(B) बावड़ी
(C) कुआँ
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर — (D)
23. जल की कमी वाले क्षेत्र को क्या कहते हैं?
(A) आर्द्र क्षेत्र
(B) जल-अभाव क्षेत्र
(C) नदी क्षेत्र
(D) तटीय क्षेत्र
उत्तर — (B)
24. भारत में जल उपयोग का सबसे बड़ा भाग किस क्षेत्र में होता है?
(A) कृषि
(B) उद्योग
(C) घरेलू उपयोग
(D) पर्यटन
उत्तर — (A)
25. नर्मदा नदी पर कौन-सी प्रमुख परियोजना स्थित है?
(A) सरदार सरोवर परियोजना
(B) हीराकुंड परियोजना
(C) टिहरी परियोजना
(D) दामोदर परियोजना
उत्तर — (A) सरदार सरोवर परियोजना
26. जल संसाधन किस प्रकार का संसाधन है?
(A) प्राकृतिक संसाधन
(B) मानव संसाधन
(C) पूँजी संसाधन
(D) सामाजिक संसाधन
उत्तर — (A)
27. टिहरी बाँध किस नदी पर स्थित है?
(A) भागीरथी
(B) गंगा
(C) यमुना
(D) गोदावरी
उत्तर — (A) भागीरथी
28. जल संरक्षण दिवस कब मनाया जाता है?
(A) 22 मार्च
(B) 5 जून
(C) 16 सितंबर
(D) 2 अक्टूबर
उत्तर — (A) 22 मार्च
29. जल प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) जल का उचित उपयोग
(B) जल संरक्षण
(C) जल की उपलब्धता बढ़ाना
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर — (D)
30. भारत में जल संसाधनों की सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
(A) असमान वितरण
(B) जल प्रदूषण
(C) बढ़ती जनसंख्या
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर — (D)
महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. जल संसाधन से क्या अभिप्राय है? इसके महत्व का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जल प्रकृति द्वारा प्रदत्त एक अत्यंत महत्वपूर्ण संसाधन है। पृथ्वी पर जीवन का अस्तित्व जल पर ही निर्भर करता है। मानव द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले सभी जल स्रोतों, जैसे नदियाँ, झीलें, तालाब, भूजल तथा वर्षा जल को सामूहिक रूप से जल संसाधन कहा जाता है। जल का उपयोग पेयजल, सिंचाई, उद्योग, जलविद्युत उत्पादन, मत्स्य पालन तथा परिवहन आदि कार्यों में किया जाता है।
जल संसाधनों का महत्व दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है क्योंकि जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण तथा औद्योगीकरण के कारण जल की माँग लगातार बढ़ रही है। कृषि क्षेत्र में भी जल की आवश्यकता अत्यधिक होती है। इसलिए जल संसाधनों का संरक्षण और उचित प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। यदि जल का विवेकपूर्ण उपयोग नहीं किया गया तो भविष्य में जल संकट और अधिक गंभीर हो सकता है।
प्रश्न 2. भारत में जल संसाधनों की उपलब्धता एवं वितरण का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारत विश्व के उन देशों में से है जहाँ जल संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, लेकिन उनका वितरण समान नहीं है। देश में जल का मुख्य स्रोत मानसूनी वर्षा है। भारत की लगभग 80 प्रतिशत वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून से प्राप्त होती है। वर्षा का अधिकांश भाग कुछ ही महीनों में होता है, जिसके कारण जल की उपलब्धता में समय और स्थान के अनुसार काफी भिन्नता पाई जाती है।
पूर्वोत्तर भारत तथा पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में अधिक वर्षा होती है, जबकि राजस्थान तथा दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ भागों में वर्षा कम होती है। इसी प्रकार गंगा-ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली वाले क्षेत्रों में जल की उपलब्धता अधिक है जबकि शुष्क क्षेत्रों में जल की कमी रहती है। इसलिए जल संसाधनों के उचित प्रबंधन की आवश्यकता है ताकि सभी क्षेत्रों में जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
प्रश्न 3. जल संकट के कारणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
वर्तमान समय में जल संकट विश्व की एक गंभीर समस्या बन चुकी है। जल संकट के प्रमुख कारणों में तीव्र जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण, औद्योगीकरण तथा कृषि में जल का अत्यधिक उपयोग शामिल हैं। भूजल का अनियंत्रित दोहन भी जल स्तर को लगातार नीचे गिरा रहा है।
जल प्रदूषण भी जल संकट का एक महत्वपूर्ण कारण है। औद्योगिक अपशिष्ट, घरेलू गंदगी तथा कृषि में प्रयुक्त रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक जल स्रोतों को प्रदूषित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा के स्वरूप में परिवर्तन हो रहा है, जिससे जल संकट और बढ़ रहा है। इन समस्याओं के समाधान के लिए जल संरक्षण और जल प्रबंधन की आवश्यकता है।
प्रश्न 4. वर्षा जल संचयन क्या है? इसके महत्व का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
वर्षा के जल को विभिन्न तरीकों से एकत्रित करके भविष्य के उपयोग के लिए सुरक्षित रखने की प्रक्रिया को वर्षा जल संचयन कहा जाता है। यह जल संरक्षण की एक प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल पद्धति है। इसमें वर्षा के जल को छतों, तालाबों, कुओं तथा भूमिगत संरचनाओं के माध्यम से संग्रहित किया जाता है।
वर्षा जल संचयन का महत्व वर्तमान समय में अत्यधिक बढ़ गया है। इससे भूजल स्तर में वृद्धि होती है और जल की कमी वाले क्षेत्रों में जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है। यह बाढ़ की समस्या को कम करने में भी सहायक है। वर्षा जल संचयन से सिंचाई, घरेलू उपयोग तथा पेयजल की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सकती है। इसलिए जल संरक्षण के लिए इस पद्धति को व्यापक रूप से अपनाने की आवश्यकता है।
प्रश्न 5. बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ क्या हैं? इनके लाभों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
वे परियोजनाएँ जिनका निर्माण एक साथ अनेक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जाता है, बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ कहलाती हैं। इन परियोजनाओं का उपयोग सिंचाई, जलविद्युत उत्पादन, बाढ़ नियंत्रण, पेयजल आपूर्ति, मत्स्य पालन तथा नौपरिवहन जैसे कार्यों के लिए किया जाता है। भारत में भाखड़ा-नांगल, हीराकुंड, दामोदर घाटी तथा सरदार सरोवर परियोजनाएँ प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजनाएँ हैं।
इन परियोजनाओं से कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है क्योंकि सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होती है। जलविद्युत उत्पादन से ऊर्जा की आवश्यकता पूरी होती है। बाढ़ नियंत्रण के कारण जन-धन की हानि कम होती है। इसके अतिरिक्त पेयजल उपलब्धता और औद्योगिक विकास में भी इन परियोजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए इन्हें आधुनिक भारत के विकास का आधार माना जाता है।
प्रश्न 6. जल प्रदूषण क्या है? इसके कारण एवं प्रभावों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जब जल में अवांछित पदार्थ मिल जाने के कारण उसकी गुणवत्ता खराब हो जाती है और वह उपयोग के योग्य नहीं रहता, तो इस स्थिति को जल प्रदूषण कहा जाता है। जल प्रदूषण आज विश्व की एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या बन चुका है।
जल प्रदूषण के प्रमुख कारणों में औद्योगिक अपशिष्ट, घरेलू सीवेज, कृषि रसायन तथा प्लास्टिक कचरा शामिल हैं। इन प्रदूषकों के कारण नदियाँ, झीलें तथा भूजल स्रोत दूषित हो जाते हैं। जल प्रदूषण का प्रभाव मानव स्वास्थ्य, जलीय जीवों तथा पर्यावरण पर पड़ता है। दूषित जल के सेवन से अनेक बीमारियाँ फैलती हैं। इसलिए जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रभावी उपाय अपनाना आवश्यक है।
प्रश्न 7. भारत में सिंचाई की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर:
भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहाँ की अधिकांश कृषि मानसूनी वर्षा पर निर्भर करती है। मानसून की अनिश्चितता तथा वर्षा के असमान वितरण के कारण कृषि उत्पादन प्रभावित होता है। इसलिए कृषि की सफलता के लिए सिंचाई अत्यंत आवश्यक है।
सिंचाई के माध्यम से फसलों को आवश्यकतानुसार जल उपलब्ध कराया जाता है। इससे सूखे की स्थिति में भी कृषि कार्य जारी रहता है। सिंचाई बहुफसली कृषि को बढ़ावा देती है तथा कृषि उत्पादकता में वृद्धि करती है। हरित क्रांति की सफलता में भी सिंचाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसलिए भारत के कृषि विकास के लिए सिंचाई व्यवस्था का विस्तार आवश्यक है।
प्रश्न 8. जल संरक्षण की आवश्यकता एवं उपायों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जल जीवन का आधार है, लेकिन इसकी उपलब्ध मात्रा सीमित है। बढ़ती जनसंख्या, औद्योगीकरण तथा जल प्रदूषण के कारण स्वच्छ जल की उपलब्धता घटती जा रही है। इसलिए जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गई है।
जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना चाहिए। जल के अनावश्यक उपयोग को रोकना चाहिए तथा आधुनिक सिंचाई पद्धतियों जैसे ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई का उपयोग करना चाहिए। जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाना तथा वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करना भी आवश्यक है। जन-जागरूकता के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराया जा सकता है। इन उपायों के द्वारा जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है।