अध्याय 8 परिवहन एवं संचार
Class 12 Geography Notes (Hindi)
परिवहन और संचार किसी भी देश के आर्थिक तथा सामाजिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक साधन हैं। इनके माध्यम से लोगों, वस्तुओं और सूचनाओं का एक स्थान से दूसरे स्थान तक आदान-प्रदान होता है। आधुनिक विश्व में परिवहन एवं संचार ने दूरियों को बहुत कम कर दिया है।
परिवहन का अर्थ और महत्व
परिवहन से तात्पर्य लोगों और वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की प्रक्रिया से है। परिवहन व्यापार, उद्योग और कृषि के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क स्थापित करता है और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है।
परिवहन के प्रकार
परिवहन को मुख्यतः तीन भागों में बाँटा जाता है।
स्थल परिवहन में सड़क मार्ग और रेल मार्ग शामिल हैं। सड़क परिवहन सस्ता और लचीला होता है, जबकि रेल परिवहन भारी और अधिक मात्रा में वस्तुओं के परिवहन के लिए उपयोगी होता है।
जल परिवहन में नदियाँ, नहरें और समुद्री मार्ग आते हैं। यह सबसे सस्ता साधन माना जाता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वायु परिवहन सबसे तेज़ साधन है, जिसका उपयोग उच्च मूल्य की वस्तुओं और यात्रियों के शीघ्र आवागमन के लिए किया जाता है।
संचार का अर्थ और महत्व
संचार से आशय सूचना, समाचार और विचारों के आदान-प्रदान से है। संचार के माध्यम से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। यह प्रशासन, व्यापार और सामाजिक जीवन को सुचारु बनाता है।
संचार के प्रकार
संचार को व्यक्तिगत और जनसंचार में विभाजित किया जाता है। व्यक्तिगत संचार में पत्र, टेलीफोन और मोबाइल शामिल हैं। जनसंचार में रेडियो, टेलीविजन, समाचार-पत्र और इंटरनेट आते हैं। आधुनिक समय में इंटरनेट और मोबाइल संचार का महत्व अत्यधिक बढ़ गया है।
परिवहन एवं संचार का आर्थिक विकास में योगदान
परिवहन एवं संचार उद्योगों को कच्चा माल और बाजार उपलब्ध कराते हैं। ये रोजगार के अवसर उत्पन्न करते हैं और क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में सहायक होते हैं। इनके विकास से वैश्वीकरण को भी बढ़ावा मिलता है।
परिवहन एवं संचार से जुड़ी समस्याएँ
अपर्याप्त परिवहन सुविधाएँ, भीड़भाड़, प्रदूषण और दुर्घटनाएँ प्रमुख समस्याएँ हैं। संचार के क्षेत्र में तकनीकी असमानता और डिजिटल विभाजन भी एक बड़ी चुनौती है।
निष्कर्ष
परिवहन एवं संचार आधुनिक समाज की जीवन रेखा हैं। इनके बिना आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास संभव नहीं है। संतुलित और समुचित विकास के लिए परिवहन एवं संचार के साधनों का विस्तार आवश्यक है। परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है।