अध्याय 7 : खनिज तथा ऊर्जा संसाधन
1. खनिज का अर्थ
पृथ्वी की पपड़ी से प्राप्त होने वाले वे प्राकृतिक पदार्थ जिनका निश्चित रासायनिक संघटन एवं भौतिक गुण होते हैं, खनिज कहलाते हैं। खनिज औद्योगिक विकास का आधार हैं।
2. खनिजों का वर्गीकरण
(क) धात्विक खनिज
जिन खनिजों से धातु प्राप्त होती है, वे धात्विक खनिज कहलाते हैं।
उदाहरण – लोहा, तांबा, बॉक्साइट
प्रकार:
लौह खनिज – लोहा, मैंगनीज
अलौह खनिज – तांबा, बॉक्साइट
(ख) अधात्विक खनिज
जिनसे धातु प्राप्त नहीं होती, वे अधात्विक खनिज कहलाते हैं।
उदाहरण – चूना पत्थर, अभ्रक, जिप्सम
(ग) ईंधन खनिज
ऊर्जा उत्पादन में प्रयुक्त खनिज ईंधन खनिज कहलाते हैं।
उदाहरण – कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस
3. खनन (Mining)
खनिजों को पृथ्वी से निकालने की प्रक्रिया खनन कहलाती है।
खनन के प्रकार
खुली खदान
भूमिगत खनन
प्लेसर खनन
4. ऊर्जा संसाधन (Energy Resources)
वे संसाधन जिनसे ऊर्जा प्राप्त होती है, ऊर्जा संसाधन कहलाते हैं।
5. ऊर्जा संसाधनों के प्रकार
(क) परंपरागत ऊर्जा संसाधन
लंबे समय से उपयोग में लाए जा रहे ऊर्जा स्रोत।
उदाहरण –
कोयला
पेट्रोलियम
प्राकृतिक गैस
जल विद्युत
(ख) अपरंपरागत ऊर्जा संसाधन
नवीन एवं पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा स्रोत।
उदाहरण –
सौर ऊर्जा
पवन ऊर्जा
जैव ऊर्जा
परमाणु ऊर्जा
ज्वारीय ऊर्जा
6. खनिज एवं ऊर्जा संसाधनों का महत्व
औद्योगिक विकास
परिवहन एवं संचार
कृषि एवं सिंचाई
रोजगार के अवसर
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का विकास
7. खनिज संसाधनों की समस्याएँ
सीमित उपलब्धता
पर्यावरण प्रदूषण
भूमि क्षरण
वनों की कटाई
8. खनिज एवं ऊर्जा संसाधन संरक्षण
संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग
पुनर्चक्रण
वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का विकास
आधुनिक तकनीक का प्रयोग
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
खनिज की परिभाषा
खनिजों का वर्गीकरण
ऊर्जा संसाधनों के प्रकार
परंपरागत व अपरंपरागत ऊर्जा में अंतर
संसाधन संरक्षण के उपाय