अध्याय 6 : जल संसाधन
1. जल संसाधन का अर्थ
पृथ्वी पर उपलब्ध सभी प्रकार के जल को जल संसाधन कहा जाता है। जल मानव जीवन, कृषि, उद्योग और पर्यावरण के लिए अत्यंत आवश्यक संसाधन है।
2. जल संसाधनों के प्रकार
(क) सतही जल
भूमि की सतह पर उपलब्ध जल को सतही जल कहते हैं।
उदाहरण –
नदियाँ
झीलें
तालाब
जलाशय
(ख) भूमिगत जल
भूमि के नीचे संचित जल को भूमिगत जल कहा जाता है।
उदाहरण –
कुएँ
नलकूप
बोरवेल
(ग) हिमानी जल
हिमनदों एवं बर्फ में संचित जल को हिमानी जल कहते हैं। यह नदियों का प्रमुख स्रोत है।
3. जल संसाधनों का उपयोग
पीने के लिए
कृषि में सिंचाई
उद्योगों में
जल विद्युत उत्पादन
परिवहन
घरेलू कार्य
4. जल की उपलब्धता को प्रभावित करने वाले कारक
वर्षा
जलवायु
स्थलाकृति
जनसंख्या
जल का संरक्षण एवं प्रबंधन
5. जल संकट (Water Scarcity)
जब जल की मांग उसकी उपलब्धता से अधिक हो जाती है, तो उसे जल संकट कहते हैं।
जल संकट के कारण
जनसंख्या वृद्धि
अत्यधिक जल दोहन
प्रदूषण
अनियमित वर्षा
वनों की कटाई
6. जल प्रदूषण
जल में हानिकारक पदार्थों के मिल जाने से जल का दूषित होना जल प्रदूषण कहलाता है।
जल प्रदूषण के स्रोत
औद्योगिक अपशिष्ट
घरेलू कचरा
कृषि रसायन
सीवेज जल
जल प्रदूषण के दुष्प्रभाव
जल जनित रोग
जलीय जीवों की मृत्यु
पीने योग्य जल की कमी
7. जल संरक्षण (Water Conservation)
जल का उचित एवं सीमित उपयोग जल संरक्षण कहलाता है।
जल संरक्षण के उपाय
वर्षा जल संचयन
टपक सिंचाई
जल का पुनः उपयोग
जलाशयों का निर्माण
जन जागरूकता
8. जल संसाधन प्रबंधन का महत्व
जल संकट की रोकथाम
सतत विकास
पर्यावरण संरक्षण
भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल उपलब्धता
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
जल संसाधन की परिभाषा
जल संसाधनों के प्रकार
जल संकट के कारण
जल संरक्षण के उपाय