अध्याय 4 : मानव बस्तियाँ
1. मानव बस्ती का अर्थ
मानव द्वारा स्थायी रूप से निवास किए जाने वाले स्थान को मानव बस्ती कहते हैं। इसमें घर, सड़कें, बाजार, विद्यालय और अन्य सुविधाएँ शामिल होती हैं।
2. मानव बस्तियों के प्रकार
(क) ग्रामीण बस्तियाँ
ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित बस्तियाँ ग्रामीण बस्तियाँ कहलाती हैं।
इनका मुख्य व्यवसाय कृषि होता है।
ग्रामीण बस्तियों के प्रकार
संहत बस्ती – घर पास-पास होते हैं
विसरित बस्ती – घर दूर-दूर फैले होते हैं
रेखीय बस्ती – सड़क या नदी के किनारे विकसित
गोलाकार बस्ती – झील या तालाब के चारों ओर
(ख) नगरीय बस्तियाँ
शहरों में विकसित बस्तियों को नगरीय बस्तियाँ कहते हैं।
इनका मुख्य कार्य उद्योग, व्यापार एवं सेवाएँ होती हैं।
नगरीय बस्तियों के प्रकार
नगर
कस्बा
महानगर
मेगासिटी
3. मानव बस्तियों के विकास को प्रभावित करने वाले कारक
(क) भौतिक कारक
स्थलाकृति
जलवायु
जल की उपलब्धता
मिट्टी
(ख) आर्थिक कारक
कृषि
उद्योग
व्यापार
परिवहन
(ग) सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारक
सुरक्षा
सामाजिक परंपराएँ
प्रशासनिक सुविधाएँ
4. नगरीकरण (Urbanization)
ग्रामीण जनसंख्या का शहरों की ओर स्थानांतरण नगरीकरण कहलाता है।
नगरीकरण के कारण
रोजगार के अवसर
शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएँ
बेहतर जीवन स्तर
नगरीकरण की समस्याएँ
भीड़भाड़
झुग्गी-झोपड़ी
प्रदूषण
आवास समस्या
5. मानव बस्तियों का महत्व
सामाजिक विकास
आर्थिक गतिविधियों का केंद्र
सांस्कृतिक आदान-प्रदान
प्रशासनिक सुविधा
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
मानव बस्ती की परिभाषा
ग्रामीण एवं नगरीय बस्तियों में अंतर
बस्तियों के प्रकार
नगरीकरण के कारण एवं समस्याएँ