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📘 Class 12 History – 50 Objective MCQ (उत्तर सहित)
1. सिंधु सभ्यता की खोज किस वर्ष हुई?
A. 1901
B. 1921
C. 1935
D. 1947
उत्तर: B
2. हड़प्पा सभ्यता का प्रमुख व्यवसाय क्या था?
A. व्यापार
B. पशुपालन
C. कृषि
D. शिकार
उत्तर: C
3. मोहनजोदड़ो किस नदी के किनारे स्थित है?
A. गंगा
B. यमुना
C. सिंधु
D. सतलुज
उत्तर: C
4. हड़प्पा सभ्यता का सबसे बड़ा नगर कौन सा था?
A. लोथल
B. धोलावीरा
C. कालीबंगा
D. मोहनजोदड़ो
उत्तर: D
5. हड़प्पा सभ्यता में किस धातु का प्रयोग नहीं होता था?
A. तांबा
B. कांसा
C. लोहा
D. सोना
उत्तर: C
6. वैदिक काल में समाज का आधार क्या था?
A. उद्योग
B. कृषि
C. व्यापार
D. वर्ण व्यवस्था
उत्तर: D
7. ऋग्वेद में कुल कितने मंडल हैं?
A. 8
B. 9
C. 10
D. 12
उत्तर: C
8. बुद्ध का जन्म कहाँ हुआ था?
A. कुशीनगर
B. लुंबिनी
C. सारनाथ
D. गया
उत्तर: B
9. बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति कहाँ हुई?
A. सारनाथ
B. कुशीनगर
C. गया
D. लुंबिनी
उत्तर: C
10. बौद्ध धर्म के संस्थापक कौन थे?
A. महावीर
B. बुद्ध
C. अशोक
D. चंद्रगुप्त
उत्तर: B
11. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर कौन थे?
A. पार्श्वनाथ
B. ऋषभनाथ
C. नेमिनाथ
D. महावीर
उत्तर: D
12. मौर्य साम्राज्य की स्थापना किसने की?
A. बिंदुसार
B. अशोक
C. चंद्रगुप्त मौर्य
D. कनिष्क
उत्तर: C
13. अशोक का राजचिह्न क्या था?
A. कमल
B. अशोक स्तंभ
C. सिंह स्तंभ
D. चक्र
उत्तर: C
14. कलिंग युद्ध कब हुआ?
A. 261 ई.पू.
B. 321 ई.पू.
C. 185 ई.पू.
D. 58 ई.पू.
उत्तर: A
15. गुप्त काल को क्या कहा जाता है?
A. अंधकार युग
B. स्वर्ण युग
C. लौह युग
D. मध्य युग
उत्तर: B
16. गुप्त वंश का संस्थापक कौन था?
A. समुद्रगुप्त
B. चंद्रगुप्त I
C. चंद्रगुप्त II
D. स्कंदगुप्त
उत्तर: B
17. इलाहाबाद स्तंभ लेख किससे संबंधित है?
A. चंद्रगुप्त I
B. समुद्रगुप्त
C. अशोक
D. हर्ष
उत्तर: B
18. हर्षवर्धन की राजधानी क्या थी?
A. कन्नौज
B. उज्जैन
C. पाटलिपुत्र
D. दिल्ली
उत्तर: A
19. अरबों का भारत आगमन कब हुआ?
A. 8वीं शताब्दी
B. 10वीं शताब्दी
C. 12वीं शताब्दी
D. 15वीं शताब्दी
उत्तर: A
20. दिल्ली सल्तनत की स्थापना किसने की?
A. अलाउद्दीन खिलजी
B. कुतुबुद्दीन ऐबक
C. बलबन
D. बाबर
उत्तर: B
21. तुगलक वंश का संस्थापक कौन था?
A. गयासुद्दीन तुगलक
B. मोहम्मद बिन तुगलक
C. फिरोज शाह तुगलक
D. नसीरुद्दीन
उत्तर: A
22. मुगल वंश की स्थापना किसने की?
A. हुमायूँ
B. अकबर
C. बाबर
D. औरंगजेब
उत्तर: C
23. पानीपत का प्रथम युद्ध कब हुआ?
A. 1526
B. 1556
C. 1761
D. 1757
उत्तर: A
24. अकबर की राजधानी क्या थी?
A. दिल्ली
B. आगरा
C. फतेहपुर सीकरी
D. लाहौर
उत्तर: C
25. दीन-ए-इलाही किसने चलाया?
A. बाबर
B. अकबर
C. जहाँगीर
D. शाहजहाँ
उत्तर: B
26. ताजमहल किसने बनवाया?
A. बाबर
B. जहाँगीर
C. शाहजहाँ
D. औरंगजेब
उत्तर: C
27. प्लासी का युद्ध कब हुआ?
A. 1757
B. 1764
C. 1857
D. 1707
उत्तर: A
28. बक्सर का युद्ध कब हुआ?
A. 1757
B. 1764
C. 1773
D. 1857
उत्तर: B
29. 1857 का विद्रोह कहाँ से शुरू हुआ?
A. दिल्ली
B. कानपुर
C. मेरठ
D. झाँसी
उत्तर: C
30. 1857 के विद्रोह का नेतृत्व दिल्ली में किसने किया?
A. नाना साहेब
B. बहादुर शाह ज़फर
C. रानी लक्ष्मीबाई
D. तात्या टोपे
उत्तर: B
31. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब हुई?
A. 1885
B. 1905
C. 1919
D. 1947
उत्तर: A
32. कांग्रेस की स्थापना किसने की?
A. दादाभाई नौरोजी
B. ए.ओ. ह्यूम
C. बाल गंगाधर तिलक
D. गोपाल कृष्ण गोखले
उत्तर: B
33. असहयोग आंदोलन कब शुरू हुआ?
A. 1917
B. 1919
C. 1920
D. 1930
उत्तर: C
34. दांडी मार्च किस वर्ष हुआ?
A. 1927
B. 1929
C. 1930
D. 1932
उत्तर: C
35. भारत छोड़ो आंदोलन कब हुआ?
A. 1940
B. 1942
C. 1945
D. 1947
उत्तर: B
36. संविधान सभा की स्थापना कब हुई?
A. 1946
B. 1947
C. 1948
D. 1950
उत्तर: A
37. संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे?
A. जवाहरलाल नेहरू
B. राजेंद्र प्रसाद
C. बी.आर. अंबेडकर
D. पटेल
उत्तर: B
38. भारतीय संविधान कब लागू हुआ?
A. 15 अगस्त 1947
B. 26 जनवरी 1950
C. 26 नवंबर 1949
D. 2 अक्टूबर 1950
उत्तर: B
39. संविधान का मसौदा किसने तैयार किया?
A. नेहरू
B. पटेल
C. अंबेडकर
D. राजेंद्र प्रसाद
उत्तर: C
40. भारतीय संविधान का सबसे बड़ा स्रोत कौन सा है?
A. अमेरिकी
B. ब्रिटिश
C. आयरिश
D. फ्रांसीसी
उत्तर: B
41. भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत कौन थे?
A. कबीर
B. तुलसीदास
C. सूरदास
D. उपरोक्त सभी
उत्तर: D
42. सूफी संतों का संबंध किस धर्म से था?
A. हिंदू
B. बौद्ध
C. इस्लाम
D. जैन
उत्तर: C
43. विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किसने की?
A. कृष्णदेवराय
B. हरिहर और बुक्का
C. रामराय
D. तिम्मारुसु
उत्तर: B
44. लोथल किस लिए प्रसिद्ध था?
A. दुर्ग
B. गोदीवाड़ा
C. मंदिर
D. विश्वविद्यालय
उत्तर: B
45. हड़प्पा सभ्यता में मुहरें किस धातु की थीं?
A. तांबा
B. कांसा
C. पत्थर
D. लोहा
उत्तर: C
46. अशोक ने बौद्ध धर्म कब अपनाया?
A. जन्म से
B. सिंहासन के समय
C. कलिंग युद्ध के बाद
D. मृत्यु से पहले
उत्तर: C
47. अकबरनामा किसने लिखा?
A. अबुल फजल
B. बदायूंनी
C. फैजी
D. तुलसीदास
उत्तर: A
48. भारत का अंतिम गवर्नर जनरल कौन था?
A. कर्जन
B. माउंटबेटन
C. वेवेल
D. डलहौजी
उत्तर: B
49. स्थायी बंदोबस्त किसने लागू किया?
A. डलहौजी
B. कॉर्नवालिस
C. कर्जन
D. रिपन
उत्तर: B
50. भारत को स्वतंत्रता कब मिली?
A. 26 जनवरी 1950
B. 15 अगस्त 1947
C. 26 नवंबर 1949
D. 2 अक्टूबर 1947
उत्तर: B
1. हड़प्पा सभ्यता की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
हड़प्पा सभ्यता, जिसे सिंधु घाटी सभ्यता भी कहा जाता है, भारत की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है। इसका विकास लगभग 2500 ईसा पूर्व हुआ। यह सभ्यता आधुनिक भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के क्षेत्रों में फैली हुई थी। इसकी खोज 1921 ई. में दयाराम साहनी द्वारा हड़प्पा में और 1922 ई. में राखालदास बनर्जी द्वारा मोहनजोदड़ो में की गई।
हड़प्पा सभ्यता की सबसे प्रमुख विशेषता इसकी उन्नत नगर योजना थी। नगरों को ग्रिड पद्धति पर बसाया गया था। सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं। नगर दो भागों में विभाजित थे—ऊपरी नगर और निचला नगर। ऊपरी नगर में प्रशासनिक और धार्मिक भवन स्थित थे।
इस सभ्यता की जल निकासी व्यवस्था अत्यंत विकसित थी। प्रत्येक घर से पक्की नालियाँ जुड़ी होती थीं, जो मुख्य नालियों में मिलती थीं। नालियाँ ढकी हुई थीं, जिससे गंदगी बाहर न फैले।
यहाँ के लोग पक्की ईंटों से मकान बनाते थे। ईंटों का अनुपात 1:2:4 था। मकान एक या दो मंज़िला होते थे और उनमें स्नानघर व आंगन की व्यवस्था होती थी।
आर्थिक रूप से हड़प्पा सभ्यता समृद्ध थी। लोग कृषि, पशुपालन, व्यापार और शिल्प में संलग्न थे। विदेशी व्यापार के प्रमाण मेसोपोटामिया से मिले हैं।
धार्मिक जीवन में मातृदेवी, पशुपति (शिव) और वृक्ष पूजा का प्रचलन था।
इस प्रकार हड़प्पा सभ्यता एक सुव्यवस्थित, उन्नत और विकसित सभ्यता थी।
2. 1857 के विद्रोह के कारणों का वर्णन कीजिए।
1857 का विद्रोह भारतीय इतिहास का पहला स्वतंत्रता संग्राम माना जाता है। इसके पीछे अनेक कारण थे, जिन्हें राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक और सैन्य कारणों में बाँटा जा सकता है।
राजनीतिक कारणों में अंग्रेजों की विस्तारवादी नीति प्रमुख थी। लॉर्ड डलहौजी की डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स नीति के तहत कई भारतीय रियासतों को अंग्रेजी राज्य में मिला लिया गया। इससे भारतीय शासकों में असंतोष फैल गया।
आर्थिक कारणों में अंग्रेजों की भूमि राजस्व नीति प्रमुख थी। भारी करों के कारण किसान कर्ज़ में डूब गए। भारतीय हस्तशिल्प उद्योग नष्ट हो गया, जिससे कारीगर बेरोज़गार हो गए।
सामाजिक और धार्मिक कारणों में अंग्रेजों द्वारा भारतीय रीति-रिवाजों में हस्तक्षेप शामिल था। सती प्रथा उन्मूलन, विधवा पुनर्विवाह जैसे सुधारों को लोग अपने धर्म में हस्तक्षेप मानते थे। ईसाई मिशनरियों की गतिविधियों से धार्मिक भावना आहत हुई।
सैन्य कारणों में भारतीय सैनिकों के साथ भेदभाव प्रमुख था। उन्हें कम वेतन मिलता था और उच्च पदों पर अंग्रेज नियुक्त होते थे। चर्बी लगे कारतूसों की अफवाह ने सैनिकों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई।
इन सभी कारणों ने मिलकर 1857 के विद्रोह को जन्म दिया।
3. महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन का वर्णन कीजिए।
असहयोग आंदोलन की शुरुआत महात्मा गांधी ने 1920 ई. में की थी। इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन का अहिंसक तरीके से विरोध करना था। यह आंदोलन जलियांवाला बाग हत्याकांड और रॉलेट एक्ट के विरोध में शुरू किया गया।
इस आंदोलन के अंतर्गत लोगों से अंग्रेजी शासन के साथ किसी भी प्रकार का सहयोग न करने की अपील की गई। सरकारी नौकरी, अदालतें, स्कूल-कॉलेज और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किया गया।
छात्रों ने सरकारी शिक्षण संस्थानों का त्याग किया और राष्ट्रीय विद्यालयों में प्रवेश लिया। वकीलों ने अपनी वकालत छोड़ी। विदेशी कपड़ों की होली जलाई गई और खादी को बढ़ावा दिया गया।
इस आंदोलन ने पूरे देश में राष्ट्रवादी चेतना फैलाई। इसमें किसानों, मजदूरों, छात्रों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
हालाँकि 1922 में चौरी-चौरा की हिंसक घटना के बाद गांधी जी ने आंदोलन वापस ले लिया। इसके बावजूद असहयोग आंदोलन ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।
4. सविनय अवज्ञा आंदोलन का वर्णन कीजिए।
सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत महात्मा गांधी ने 1930 ई. में की। इसका उद्देश्य अन्यायपूर्ण ब्रिटिश कानूनों का शांतिपूर्ण उल्लंघन करना था। इस आंदोलन की शुरुआत दांडी मार्च से हुई।
गांधी जी ने नमक कानून तोड़कर अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत की। लोगों ने कर न देने, विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने और सरकारी नियमों का उल्लंघन किया।
इस आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। सरोजिनी नायडू, कमला देवी चट्टोपाध्याय जैसी महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
ब्रिटिश सरकार ने आंदोलन को दबाने के लिए कठोर कदम उठाए। कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया। बाद में गांधी-इरविन समझौता हुआ, जिससे आंदोलन स्थगित हुआ।
सविनय अवज्ञा आंदोलन ने जनता को स्वतंत्रता के लिए संगठित किया।
5. भारत छोड़ो आंदोलन का वर्णन कीजिए।
भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत 1942 ई. में हुई। इसका नारा था—करो या मरो। यह आंदोलन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान शुरू हुआ।
महात्मा गांधी ने ब्रिटिश सरकार से भारत छोड़ने की मांग की। कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, फिर भी आंदोलन पूरे देश में फैल गया।
छात्रों, मजदूरों और किसानों ने रेलवे, डाक और संचार व्यवस्था को बाधित किया। यह आंदोलन पूर्ण स्वतंत्रता की दिशा में निर्णायक सिद्ध हुआ।
6. स्थायी बंदोबस्त व्यवस्था का वर्णन कीजिए।
स्थायी बंदोबस्त की शुरुआत 1793 ई. में लॉर्ड कॉर्नवालिस ने की। इसके अंतर्गत ज़मींदारों को भूमि का मालिक बना दिया गया।
ज़मींदारों को निश्चित कर अंग्रेज सरकार को देना होता था। यदि वे कर नहीं देते तो उनकी ज़मीन नीलाम कर दी जाती थी।
इस व्यवस्था से ज़मींदार वर्ग मजबूत हुआ, लेकिन किसान अत्यधिक शोषित हुए।
7. बंगाल विभाजन के कारण और प्रभाव बताइए।
1905 ई. में लॉर्ड कर्जन ने बंगाल का विभाजन किया। इसका उद्देश्य प्रशासनिक सुविधा बताया गया, लेकिन असली मकसद राष्ट्रवादी आंदोलन को कमजोर करना था।
इससे स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ। लोगों ने विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किया और राष्ट्रीय भावना मजबूत हुई।
8. मुग़ल प्रशासन व्यवस्था का वर्णन कीजिए।
मुग़ल प्रशासन केंद्रीयकृत था। सम्राट सर्वोच्च अधिकारी होता था। प्रशासन दीवान, मीर बख्शी और काज़ी के माध्यम से चलता था।
भूमि राजस्व प्रणाली प्रमुख थी। मनसबदारी व्यवस्था सेना का आधार थी।
9. औपनिवेशिक शिक्षा नीति का वर्णन कीजिए।
अंग्रेजों ने भारतीयों को अंग्रेजी शिक्षा देने की नीति अपनाई। मैकॉले का शिक्षा प्रस्ताव (1835) इसका आधार था।
इससे एक शिक्षित मध्यम वर्ग का उदय हुआ, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
10. भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाओं की भूमिका का वर्णन कीजिए।
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। रानी लक्ष्मीबाई, सरोजिनी नायडू, अरुणा आसफ अली जैसी महिलाओं ने नेतृत्व किया।
महिलाओं ने आंदोलनों, सत्याग्रहों और विदेशी वस्त्र बहिष्कार में भाग लिया। इससे सामाजिक चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूती मिली।
11. हड़प्पा सभ्यता की नगर योजना का वर्णन कीजिए।
हड़प्पा सभ्यता की नगर योजना प्राचीन विश्व की सबसे उन्नत नगर योजनाओं में से एक मानी जाती है। इस सभ्यता के नगर सुव्यवस्थित और वैज्ञानिक ढंग से बसाए गए थे। नगरों को सामान्यतः दो भागों में विभाजित किया गया था—ऊपरी नगर (दुर्ग क्षेत्र) और निचला नगर। ऊपरी नगर ऊँचे टीले पर स्थित होता था, जहाँ प्रशासनिक और धार्मिक भवन पाए जाते थे, जबकि निचले नगर में सामान्य जनता रहती थी।
नगरों की सड़कों को ग्रिड प्रणाली के अनुसार बनाया गया था। सभी सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं। मुख्य सड़कें चौड़ी होती थीं और उनसे छोटी गलियाँ जुड़ी होती थीं। इससे यातायात और सफाई में सुविधा होती थी।
हड़प्पा नगरों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता उनकी उत्कृष्ट जल निकासी व्यवस्था थी। प्रत्येक घर से पक्की नालियाँ जुड़ी होती थीं, जो मुख्य नालियों में मिलती थीं। नालियाँ ढकी हुई होती थीं, जिससे गंदगी बाहर न फैले।
मकान पकी हुई ईंटों से बनाए जाते थे। ईंटों का अनुपात 1:2:4 था। घरों में स्नानघर, आंगन और कुएँ पाए जाते थे। सार्वजनिक स्नानागार, जैसे मोहनजोदड़ो का महान स्नानागार, धार्मिक और सामाजिक जीवन का केंद्र था।
इस प्रकार हड़प्पा सभ्यता की नगर योजना उनकी उन्नत तकनीक और सामाजिक संगठन को दर्शाती है।
12. 1857 के विद्रोह में रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका का वर्णन कीजिए।
1857 के स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका अत्यंत वीरतापूर्ण और प्रेरणादायक रही। वे झाँसी की रानी थीं और अंग्रेजी शासन की अन्यायपूर्ण नीतियों की प्रबल विरोधी थीं। अंग्रेजों ने डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स के तहत झाँसी को अपने राज्य में मिलाने का प्रयास किया, जिसे रानी लक्ष्मीबाई ने स्वीकार नहीं किया।
विद्रोह के समय रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी की रक्षा का दायित्व स्वयं संभाला। उन्होंने महिलाओं और पुरुषों की सेना संगठित की और अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध किया। उन्होंने अपने पुत्र दामोदर राव को पीठ पर बाँधकर युद्ध किया, जो उनके साहस का प्रतीक है।
अंग्रेजों की शक्तिशाली सेना के बावजूद रानी ने वीरता से मुकाबला किया। झाँसी के पतन के बाद वे कालपी और ग्वालियर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने तात्या टोपे और नाना साहब के साथ मिलकर संघर्ष किया।
18 जून 1858 को ग्वालियर के पास युद्ध करते हुए वे वीरगति को प्राप्त हुईं। उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम अध्याय है।
13. असहयोग आंदोलन के कारणों और परिणामों का वर्णन कीजिए।
असहयोग आंदोलन की शुरुआत 1920 ई. में महात्मा गांधी द्वारा की गई। इसके पीछे कई कारण थे। जलियांवाला बाग हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया। रॉलेट एक्ट जैसे दमनकारी कानूनों ने जनता में असंतोष फैलाया।
इस आंदोलन का उद्देश्य अंग्रेजी शासन के साथ किसी भी प्रकार का सहयोग न करना था। सरकारी पद, अदालतें, स्कूल-कॉलेज और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किया गया। खादी को बढ़ावा दिया गया और राष्ट्रीय शिक्षा संस्थानों की स्थापना हुई।
इस आंदोलन के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय चेतना का व्यापक प्रसार हुआ। किसानों, मजदूरों, छात्रों और महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। हालांकि चौरी-चौरा की घटना के बाद आंदोलन वापस ले लिया गया, फिर भी इसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।
14. सविनय अवज्ञा आंदोलन का वर्णन कीजिए।
सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 ई. में महात्मा गांधी द्वारा शुरू किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानूनों का शांतिपूर्ण उल्लंघन करना था। आंदोलन की शुरुआत दांडी मार्च से हुई, जिसमें गांधी जी ने नमक कानून तोड़ा।
इस आंदोलन के दौरान लोगों ने कर न देने, विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने और सरकारी कानूनों की अवहेलना की। महिलाओं की भागीदारी इस आंदोलन में विशेष रही।
ब्रिटिश सरकार ने आंदोलन को दबाने के लिए कठोर कदम उठाए और कई नेताओं को जेल में डाल दिया। बाद में गांधी-इरविन समझौते के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
15. भारत छोड़ो आंदोलन का महत्व स्पष्ट कीजिए।
भारत छोड़ो आंदोलन 1942 ई. में महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ। इसका उद्देश्य अंग्रेजों से तत्काल स्वतंत्रता प्राप्त करना था। गांधी जी ने “करो या मरो” का नारा दिया।
इस आंदोलन में कांग्रेस के सभी बड़े नेता गिरफ्तार कर लिए गए, फिर भी जनता ने स्वतःस्फूर्त आंदोलन चलाया। छात्रों, किसानों और मजदूरों ने व्यापक रूप से भाग लिया।
यह आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता की दिशा में अंतिम और निर्णायक सिद्ध हुआ।
16. स्थायी बंदोबस्त व्यवस्था का वर्णन कीजिए।
स्थायी बंदोबस्त 1793 ई. में लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा लागू किया गया। इसके अंतर्गत ज़मींदारों को भूमि का मालिक बनाया गया।
इस व्यवस्था में ज़मींदारों को निश्चित कर सरकार को देना होता था। कर न देने पर भूमि नीलाम कर दी जाती थी।
इससे ज़मींदार वर्ग तो मजबूत हुआ, लेकिन किसान अत्यधिक शोषण के शिकार बने।
17. बंगाल विभाजन के कारण और प्रभाव लिखिए।
1905 ई. में लॉर्ड कर्जन ने बंगाल का विभाजन किया। इसका उद्देश्य राष्ट्रवादी आंदोलन को कमजोर करना था।
इस विभाजन के विरोध में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ। लोगों ने विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किया और राष्ट्रीय भावना मजबूत हुई।
18. मुग़ल प्रशासन व्यवस्था का वर्णन कीजिए।
मुग़ल प्रशासन एक केंद्रीयकृत प्रणाली थी। सम्राट सर्वोच्च अधिकारी होता था। दीवान, मीर बख्शी और काज़ी प्रमुख अधिकारी थे।
मनसबदारी प्रणाली प्रशासन और सेना का आधार थी।
19. औपनिवेशिक शिक्षा नीति के प्रभावों का वर्णन कीजिए।
अंग्रेजों ने अंग्रेजी शिक्षा को बढ़ावा दिया। मैकॉले का प्रस्ताव इसका आधार था।
इससे एक शिक्षित मध्यम वर्ग का उदय हुआ, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को नेतृत्व दिया।
20. भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका का वर्णन कीजिए।
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। रानी लक्ष्मीबाई, सरोजिनी नायडू, अरुणा आसफ अली जैसी महिलाओं ने नेतृत्व किया।
महिलाओं ने सत्याग्रह, आंदोलन और बहिष्कार में सक्रिय भाग लिया। इससे आंदोलन को जनसमर्थन मिला।
subjective question anwer
Sir subjective
Sir ap bahat axa padhate h sir apka padhaya hua exam me zarur aata h thank you so much sir hame padhane k liye
tq u